एक बात सुनो

अभी आँखों में कुछ दर्द सा है
तो चलो, इन्हें जरा बंद करें –
अँधेरा है, पर रात नहीं;
दो हाथ तो हैं
पर साथ नहीं।

कभी आते-जाते यूँ ही मिलें,
तो चलो चाँद के साथ चलें।