वैशाली

वैशाली एक सीमा है –
जिसके पार बुद्ध गए
कुछ छोड़ कर;

धर्म-चक्र-प्रवर्तनाय सारनाथं गच्छत किं?

ashokanpillar

आसमानी कैप्री

बादलों की वाइट शर्ट
और आसमान की नीली कैप्री
पहन कर
सूरज की शक्ल में, ये चाँद आया है।

जब दिन में मिलेगी शाम,
यही सूरज होगा चाँद।
कभी रात की अंगड़ाई पर ये चाँद मुस्कुराया था,
कभी आँखों में इसकी एक दिल नज़र आया था।

आसमान की नीली कैप्री, और बादलों की वाइट शर्ट –
ये दुनिया की कितनी प्यारी है न!
बिल्कुल तुझ पे गई है।